लॉकडाउन में ढील मिली पर सरकारी आदेश है कि नियमों का पालन करते हुए बाहर निकला जाए । ठीक भी है कोरोना की दूसरी
लहर तो और अधिक भयानक थी। पर अब महीना सावन का है, बारिश का मौसम तो वैसे ही मन मोह लेता है ठंडी फुहार से तपती
धरती को तो ठंडक मिलती ही है, साथ ही सबका मन भी प्रफुल्लित हो जाता है। अगस्त का महीना है सावन की फुहारें झूले के
गीत 15 अगस्त आजादी का पर्व और बहन भाई के स्नेह का त्योहार रक्षाबंधन ,बहुत व्यस्त रहता है अगस्त का महीना । वैसे भी
आज घरौंदा सोसाइटी की रौनक कुछ अलग लग रही है । कोरोना की वजह से घरौंदा के प्रांगण में ‘चाची का चबूतरा’ भी सूना पड़ा था।
आज खूब रौनक थी पर सब के मुंह पर मास्कॅ बंधा था । सब हाथ जोड़कर एक दूसरे को आजादी की बधाई दे रहे थे। कोई किसी के
गले नहीं मिल रहा था । ऑनलाइन कार्यक्रम लाकॅ डाउन के दौरान बहुत जोर पकड़ चुका है ।घर बैठे सब काम हो रहे है पढ़ाई लिखाई से
लेकर पूजा पाठ शोक सभाएं सभी कुछ ऑनलाइन है ,सबके बंधे मुंह देखकर हंसी भी छूट रही है । पर फिर भी एक दूसरे को साकार
रूप में देखकर खुशी भी हो रही है। बरगद के पेड़ के पास तिरंगा फहराया गया राष्ट्र गान गाकर छोटे छोटे तिरंगे और लडडु सबको
बांटे गए कोरोना के चलते इस बार प्रीती भोज नहीं रखा गया । देश भक्ति का माहौल बना है और आज इतने दिन बाद सब मिले है,
कोई चाची से सावन का गीत सुनाने को कह रहा है तो कोई देश पर कुछ पंक्तियाँ सुनाने की फरमाइश कर रहा है। तभी चाची ने
कहा कि आज तो आजादी का पर्व है आज तो कुछ स्वतंत्रता से संबंधित ही कुछ होना चाहिए तो एक कविता सुनाती हूँ ।
‘ हमारा तिरंगा’
दी थी कितनी कुर्बानियाँ , तब ये शुभ दिन आया था ।
लाल किले पर पहली बार तिरंगा जब लहराया था ।
पर भारत माँ की आँखो में दुख तब भी गहराया था।
विदीर्ण हो गई छाती उसकी विभाजन की रेखाओं से,
शीर्ष पड़ा खतरे में माँ का 370 सी धाराओं से ,
आतंकवाद का साया कैसा घाटी में गहराया था ,
370 की आड़ में जैसे काश्मीर हथिया था ।
जाने कितने वीरों का खून बहा इस घाटी में ,
कई सुपूत भारत माँ के शहीद हुए इस माटी में।
35 ए और 370 को ख़त्म कर डाला है ।
दूर हटो ऐ आतंकवादी अब काश्मीर हमारा हे।
आज 74वीं वर्ष गाँठ पर माँ भारती मुस्काई है,
भारत माता के सुपूतों ने अपनी कसम निभाई है।
झंडा ऊंचा तभी रहेगा जब डंडा हो मजबूत,
आज कसम खाते हैं हम भारत मां के पूत,
कभी न आने देंगे हम काश्मीर पर आंच,
धरती का ये स्वर्ग सदा से भारत माँ की शान ।
तिरंगा नहीं मात्र इक झंडा ,
मेरी शान है ये मेरी आन है ये,
मेरे देश का सम्मान है ये मेरे राष्ट्र का स्वाभिमान है ये ।
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Really Amazing stories , loved it . Keep it up
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अति प्रेरक रचना है
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Nice Stories ☺️
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Anita ji , you are really an Asset to our Nation. Feeling proud of your relationship ❤️ love you always. 🥰💐
BhamaBalakrishnan.
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Nice!
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Lovely mamiji.
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Very nicely expressed
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Hamara tiranga Kavita bahut sunder lagi . Bhav acche hai . Keep it up
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Very nice 🙏
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