‘बालदिवस‘

पिछले सप्ताह हुई बारिश ने काफी हद तक चेन्नई में बाढ़ के हालात पैदा कर दिए थे। चाची का चबूतरा भी जलमग्न था।धीरे धीरे चबूतरे का पानी सूख रहा है ,पर फिर भी कीचड़ दिखाई दे रहा है।औरआज बाल दिवस पर चाची और बच्चों का कोई कार्यक्रम न बना हो कैसे हो सकता है! किसी तरह से बरगद पर बने चबूतरे को धो पोंछ कर बैठने लायक बना दिया गया है। लगता है कुछ खास ही हो रहा है।वाहअलगअलग किरदारो के लिबास में बच्चे दिखाई दे रहे है।बच्चों के रंग-बिरंगे लिबास ने खूब रंग बिखेर दिया है।वाह वाह यहाँ तो फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता हो रही है।सबसेआगे मित्रन अपनी स्कूल यूनीफॉर्म में हाथ में साइन बोर्ड उठाए जिस पर लिखा है 14 नवंबर बाल दिवस हैप्पी बर्थ डे चाचा नेहरू पीछे काली अचन पर लाल गुलाब लगाए चाचा नेहरू चले आ रहे है। बहुत बढ़िया तरीके से बालदिवस का कार्यक्रम शुरु हो गया।ये क्या गांधी जी तो अपने चेहरे से बड़े से चश्मे अपनी नाक पर टिकाए हुए जिन पर स्वच्छभारत के स्टिकर लगे है,एक हाथ से चश्मे संभालते हुए दूसरे हाथ से लाठी टेकते हुए सीधे दांडी यात्रा से चले आ रहे है।अरे वाह ये कौन, ये तो सुन्दर बन ही चला आ रहा है कला बाजी मारते हुए मोगली के पीछे बघिरा,भालूअंकल,शेरखान कालू हाथी,लोमड़ीआंटी, अपना घोंसला संभाले बया चिड़ियाभारी वर्षा के चलतेअपनी घरौंदा सोसाइटी भी कुछ कुछ जंगल जैसी लग रहीहै।इन सबके पीछे ये कौन चलाआरहा हैआधी बाजू का कुर्ता पहने सफेद बाल बिना रिम का चश्मा पहने लम्बी सी सफेद दाढ़ी वाले बाबा……भईये तो अपने प्रधानमंत्री मोदी जी है ।देखे तो जराआगे क्या होने वाला है।मोदी जी तो भाषण देने लगे,!

“मेरे देश के प्यारे बच्चों तुम सबको बाल दिवस की बहुत शुभकामनायें तुम भविष्य हो इस देश के बस एक ही बात कहूंगा खूब खेलो परउतना ही दिल लगाकर पढ़ो अपनेआस पास साफ-सफाई रखो पेड़ पौधे की सुरक्षा करो ताकि पर्यावरण सुरक्षित हो सके और सबसे बड़ी बात अपना काम स्वयं करो तोआज की कविता का शीर्षक है‘ अपना काम स्वयं करो’……………

अपना काम स्वयं करो’

   देख गेंहू  का  खेत  वहींपर  थम  गई  चिड़िया रानी ।

  यहीं  बुनूगीं  नीड़  मैं  अपना  उसने  मन  में   ठानी ।।

जोड़ जोड़  के  तिनका  तिनका  अपना  नीड़  बनाया ।

 अंडे देने  का  समय  अब  निकट  था  आया ।

नीड़   में  बैठी  अंडे सेंके   प्यारी   चिड़िया  रानी ।

    नर   चिड़िया  तो   बीन   के   लाए   घर   में   दाना  पानी ।।

फूटे   अंडे   चूज़े   निकले   चूं चूं   चूं चूं   करते।

हरे   भरे   लहरा   उठे   थे   खेत   गेंहू   से   भरते ।।

हरे   भरे   जब   खेत   गेंहू   के   होने   लगे   सुनहले ।

  चूज़ो   के   भी   पर   लगे   थे   उगनेरूप रूपहले ।।

देख   पकी   बालें   गेंहू    की   था   किसान   हर्षाया ।

खेत   काटने   का   समय    अब   निकट    है   आया ।।

 भोर   भई    जब   गई    थी   चिड़िया   रानी   दाना   लेने ।

चूं चूं   चीं चीं   करते बच्चे    बैठे   नीड़   में   नीड़   में   खेलें ।।

सुन   किसान    की   बातें   बच्चे   थे   डर   से   डोले ।

काटना   है   कल   खेत   हमारा   यह   मित्र    से   बोले ।।

चिड़िया   रानी   दूर   दूर   ले   चुग  चुग   दाना   लाई  ।

सुन    बच्चों   की   बात   ज़रा   भी   चिड़िया   न    घबराई ।।

मित्र   कभी   और   कभी  पड़ोसी   कभी   नातेदार    को   लाया ।

    हाँ  हाँ   करके   सभी   गए    पर   खेत    काटने   कोई   न   आया ।।

हंसिया   पकड़े   आज   हाथ   संग   बेटे   को   वो   लाया ।

    कल    से   मिलकर    कैसे   काटे   खेत    उसे   समझाया  ।।

आज   सुनी   बच्चों    की   बातें   चिड़िया   थी   मुस्काई ।

   कल   से   सभी   चलेंगे   चुगने   अपना   दाना   भाई  ।।

भोर   होने   से   पहले   ही   सब   बच्चे    उठकर   कर   आए ।

फड़  फड़     करके   सबने   अपने   पंख    थे   खूब     फैलाए ।।

    चीं  चीं  चीं चीं करते   करते   उड़   गए    दूर   गगन   भेंट ।

सूरज   राजा    खोल   पिटारा   बैठा   पूरब   बन   में  ।।

  सुन    कहानी   चिड़िया   किसान   की   क्या    सीखा   तुमने   बच्चों  ।

     जीवन    में   आगे   बढ़ना   तो  अपना   काम   स्वयं   करो  ।।

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13 Comments

  1. Kant's avatar Kant says:

    Your poems are full of optimism and actions! I wish if school’s Libraries had this kind of collection to inspire the kids in their childhood who are the future of any nation🙏🎉🎊👏👏

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    1. Anita Soni's avatar Anita Soni says:

      Thanks very much kant your comments really inspire .and really feel satisfied

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    2. Amiti's avatar Amiti says:

      A person who’s soul.is beautiful can think so wisely all the best aunty.
      Amit

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      1. Anita Soni's avatar Anita Soni says:

        Thanks Amit for your beautiful and encouraging comments 🙂

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  2. Saisubbulakshmi's avatar Saisubbulakshmi says:

    Excellent ji.
    Congrats
    Saisubbulakshmi

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    1. Anita Soni's avatar Anita Soni says:

      आपका बहुत बहुत धन्यवाद जी 🙏

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      1. Swaran Bhatia's avatar Swaran Bhatia says:

        Nice 👍 GBU 💐

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      2. Sarita mittal's avatar Sarita mittal says:

        Very nicely written 👌🏾
        Pl keep writing. Nice to read ur articles

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      3. Anita Soni's avatar Anita Soni says:

        Thanks sarita for the encouragement 🙏

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      4. Anita Soni's avatar Anita Soni says:

        Thanks sarita

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  3. Amita gupta's avatar Amita gupta says:

    Very nice nd encouraging
    Congratulations
    Amita Gupta

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    1. Anita Soni's avatar Anita Soni says:

      Thanks Amita ji 🙏🌷🙂

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  4. Suman's avatar Suman says:

    Very nice yeh story bachhon ko padhte the it really refreshing memory..

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