‘ सेंटा क्लॉज़ ‘

दिसंबर का महीना चल रहा है। चेन्नई का बेहतरीन मौसम तड़के उठने पर मीठी सी ठंड तन को बहुत सुहाती है। इस बार मेघ खूब बरसे , आहते में खरपतवार की भरमार है। पत्तों का झड़ना तेज हो गया है। सुबह तो आहते में जैसे पत्तों का कालीन बिछा है। मौसम का आनंद लेने के लिए अधिकतर लोग सुबह की सैर पर निकले नजर आ रहे है। कोरोना की दूसरी लहर खत्म होने के बाद लगभग सभी लोगों को वैक्सीन लग चुकी है , बच्चों के स्कूल भी खुल से गए है, लोगबाग घूम फिर भी रहे है। शादी-ब्याह भी धूमधाम से संपन्न हो गए है। 2021 का कार्यकाल बड़े दिनों की छुट्टियों के साथ अपने समापन समारोह की इंतजार में है कि सरकार की तरफ से सामूहिक समारोह बैन कर दिए गए है , क्योंकि ऑमिक्रॉन के नाम से कोरोना की तीसरी लहर चल चुकी है । भारत की तरफ बढ़ रही है। सबके चेहरे मॉस्क से ढक गये है। घरौंदा सोसाइटी में भी नववर्ष का समारोह भी रद्द कर दिया गया है ।पर चाची के चबूतरे की रौनक फिर भी बरकरार है।
आज 24 दिसंबर की शाम है। बच्चों को इंतजार है ‘क्रिसमस ताता’ यानि ‘ सेंटा क्लॉज़ ‘ का ,पर सारे कार्य क्रम तो ठप्प हो गए है बच्चों का मुंह उतरा हुआ सा है। फिर भी चाची से बच्चों की आस बंधी है। रोजर ,जॉन ,टीना और पिंकी के घरों में बहुत सुन्दर क्रिसमस ट्री के साथ रंग बिरंगी बतियों वाले बड़े बड़े सितारे भी चमक रहे है।

चाची के पूछने पर रोजर, जॉन, टीना और पिंकी ने बताया कि उनके घरों में क्रिसमस की कैसी तैयारी चल रही है। केक कुकीज तो सभी के घर में बेक हो रहे है इसके अलावा चाकलेट मिठाई व नमकीन भी बनाए जा रहे है। रात 12 बजे वे सभी सामुहिक प्रार्थना के लिए गिरजा घर जाएंगे सबको मैरी क्रिसमस करेंगे और बहुत से हिम गीत गाएंगे। कल भी सारा दिन सबसे मिलना खाना पीना मजा करना रहेगा। सब बच्चे सुन तो रहे थे पर उनके लिए तो क्रिसमस के मायने ‘क्रिसमस ताता’ से मिलने वाले उपहार ही थे , पर अभी तक कुछ नज़र नहीं आ रहा था। तभी सामने से दो बच्चे भागते हुए आ रहे थे कुछ घबराए हुए लग रहे थे। चाची के पूछने पर उन्होंने बताया कि वह सोसाइटी के चौकीदार के बच्चे है , और उनके पिता को कुछ हो गया है , वे सामने वाले हॉस्पिटल में भर्ती है परंतु अस्पताल वाले कह रहे है कि पहले पैसा भरो तभी इलाज करेंगे। समय की गंभीरता को देखते हुए चाची जल्द ही हॉस्पिटल की तरफ गयी बच्चे भी संग हो लिए। जाकर देखा तो पाया कि सोसाइटी का नया चौकीदार ‘सेंटा क्लॉज़’ के कपड़े पहने हुए स्ट्रेचर पर बेहोश सा पड़ा लग रहा है, इधर उधर से डाक्टर नर्स आ जा रहे है परन्तु उसकी तरफ कोई नहीं देख रहा । उसको देखते ही चाची रिसेप्शन की तरफ भागी उन्होंने साफ ही कहा कि पहले 1,5000 रूपये जमा कराएं तभी इलाज शुरू किया जाएगा चौकीदार की हालत को देखते हुए बहस में
समय बर्बाद न करके उन्हें अपना नाम पता दिया तथा उनसे प्रार्थना की “मैं अभी पैसे भरती हूँ कृपया आप इसका इलाज शुरू करें।”
आठ साल की करिश्मा और छः साल का गुड्ड आंसू भरी आँखो से अपने पिता को अन्दर जाते हुए देख रहे थे। दोनों बच्चों को ढाढ॔स बंधाते हुए चाची ने जब उनकी माँ के बारे में पूछा तो बच्चों की रुलाई फूट पड़ी रोते हुए उन्होंने कहा कि पिछले साल कोरोना में उनकी माँ मर गई। उनकी बात सुनकर मन भर आया पास खड़े बाकी बच्चे भी सहम से गए। हम अभी आते है कहकर बच्चे वहाँ से भागे चाची अपने फोन पर कुछ कर रही थी कि उतनी ही देर में सभी बच्चे हाथ में अपनी अपनी गुल्लक पकड़े हुए चाची के पास दौड़े आए और चाची को देते हुए कहने लगे, “ चाची आप हमारी गुल्लक के सारे पैसे लेकर जमा करवा दें

I have 4 to5 ‘k’ in my piggy bank and everyone has some हम लोग easily 15000 रूपए जमा कर सकते है। नमन ने कहा
“चाची ने बच्चों को प्यार से शाबाश देते हुए कहा कि अभी तो पैसे जमा करवा दिए है अगर और आवश्यक होगा तो तुम्हारी मदद लेंगे अभी तुम लोग जाओ हॉस्पिटल वाले गुस्सा कर रहें है।“ , “promise चाची” सभी ने एक आवाज में पूछा, “ हाँ हाँ पक्का “ कहकर सबको भेजा तो नर्स ने आकर कहा कि,”आपको डॉक्टर साहब बुला रहें है।“
डॉक्टर से बात करने पर पता चला कि चौकीदार के सिर पर गर्मी चढ़ जाने की वजह से रक्तचाप बढ़ गया और वह गिर पड़ा शायद किसी ने प्राथमिक चिकित्सा के चलते उनके सिर पर पानी डाल दिया इस लिए उनका बचाव हो गया अन्यथा कुछ सीरियस हो सकता था । अभी आप उनसे मिल सकती हैपर हॉस्पिटल से छुट्टी कल ही मिलेगी आज की रात उन्हें देख रेख में ही रहना ठीक रहेगा।

निरीह आँखो में सहमा सा सवाल लिए कस के गुडडु का हाथ पकडे करिश्मा चाची के साथ अपने पिता को देखते ही उनसे लिपट गए और तीनों की आँखो से अश्रु धारा बह निकली इस मार्मिक दृश्य को देख कर चाची भी भावुक हो गई……..। पूछने पर चौकीदार ने बताया कि इस हफ्ते उसकी नाइट ड्यूटी चल रही थी। किसी दोस्त ने कहा कि लम्बे चौड़े दिखते हो पास की मॉल में सेंटा क्लॉज बन कर घूमना है और बच्चों को चाकलेट बांटने है । 500 रूपए रोज मिलेंगे चार दिन की बात है 2000 रूपए कमा लोगे , वैसे भी नाइट चल रही है । “क्या कहूँ बस इसी लालच में आ गया माँ…वह मोटी सी पोशाक टोपी और लम्बी सी दाढ़ी लगाकर कभी अन्दर कभी बाहर करते हुए सिर पर गर्मी चढ़ गई और ……….और… गिर गया फिर कुछ पता ही नहीं यहाँ कौन लाया किसने सोसाइटी में इत्तला की मुझे कुछ मालूम नहीं आप लोगों ने बचा लिया किस मुंह से आपका धन्यवाद करूं वैसे ही ये बिन माँ के बच्चे…. है…….कहते हुए उसकी आँखे भर आई।“
सब सुन कर चाची ने उसे ढाढ॔स बंधाया और कहा,”अभी तुम आराम करो कल छुट्टी मिल जाएगी बच्चों को मैं देख लेती हूँ तुम्हें अस्पताल से खाना मिल जाएगा कल मिलते है।

अंधेरा हो गया था पर बच्चे अभी चबूतरे पर थे चाची को देखते ही सब पूछने लगे तो चाची ने कहा अभी चौकीदार ठीक है पर…..पर….” “पर क्या चाची जल्दी बोलो न ….” अधीर सा शोर और सभी बच्चे अपने हाथों में रंग बिरंगे कागजो में लिपटे उपहार करिश्मा और गुडडु को मैरी क्रिसमस कहते हुए देने लगे ।
पर बच्चों तुम्हारा सेंटा तो नहीं आया …..पर आज तो तुम लोग चौकीदार के और इन बच्चों के सेंटा क्लॉज़ बन गए तुम सबको बहुत बहुत शाबाश और मैरी मैरी क्रिसमस !! भगवान तुम सबको बहुत खुश रखे और इसी तरह एक अच्छा इन्सान बनाए कल मिलेंगे।

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3 Comments

  1. Kant's avatar Kant says:

    चाची माँ मेरी बन गई और बच्चे सैंटा! यह सब आपकी प्रेरणा से हो रहा है!!

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    1. Anita Soni's avatar Anita Soni says:

      Thanks kant for reading and commenting wish y happy new year 🙂

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