अभी अभी तो नव वर्ष की ले रहे बधाई ।
शुक्र मनाकर हाथ जोड़कर दी 21 को विदाई ।।
फिर बजाया कोरोना ने डंका तीजी लहर है आई।
हाथ उठाकर ऊपर वाले को देने लगे दुहाई ।।
दूर हटो सब दूर हटो न कोई पास में आए ।
तेजी से फैल रहा संक्रमण कैसे इसे हटाए ।।
चाची सबसे कहती चबूतरे पर कोई न आए।
चाची का चबूतरा भी अब हम ऑनलाइन चलाए ।।
सब के फोन पर ऑनलाइन मिटिंग का लिंक भेज दिया गया । शाम को 4 बजे मीटिंग शुरू हो गई अपने अपने घरों में सभी बच्चे फोन या लेपटॉप पर बैठे है। चले हम भी देखते है क्या चल रहा है ऑनलाइन मीटिंग में यह तो चाची की आवाज लगती है ।“ सभी अपना माइक म्यूट रखेंगे केवल अपनी बात कहने के लिये अनम्यूट् करेंगे वैसे तुम सब जानते हो बच्चों , तुम्हारी चाची तो पहली बार ऑनलाइन मीटिंग कर रही है। मुझे भी तुमसे कुछ सीखने को मिलेगा । एक एक करके सभी एंटर हो गए है । हार्दिक कुछ कहना चाहता है शायद इसीलिए बार बार अपनी उंगली उठा रहा है ।
हाँ बोलो हार्दिक “चाची…… क्या आप भी पढ़ाएंगी ?”
“नहीं नहीं हम तो आपस में बातें करेंगे हमेशा की तरह”।
“ तो आज कुछ नया बताओ न” सुहानी ने कहा ।
“आज 10 जनवरी है और आज का दिन कहलाता है ‘ विश्व हिंदी दिवस ’ या ‘ अन्तरराष्ट्रीय हिंदी दिवस ’ कहलाता है।”
“ परन्तु हमने 14 सितंबर को भी हिंदी दिवस मनाया था और आज फिर से …….. हिंदी…….दिवस”। कुछ हैरानी से कुशाग्र ने पूछा ।
“ हाँ भई ! ये भी तो जानना जरूरी है ।” तब चाची ने बताया कि 1975 में नागपुर में पहली बार हिंदी का अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन रखा गया जिसमें दुनिया के कई देशों ने भाग लिया जिसका उद्घाटन प्रधान मंत्री श्री मति इंदिरा गांधी ने किया । सन् 2006 में हिंदी का प्रचार दुनिया भर में करने के लिए पूर्व प्रधान मंत्री श्री मनमोहन सिंह ने 10 जनवरी को ‘ अन्तरराष्ट्रीय हिंदी दिवस’ घोषित किया। सारे विश्व में हिंदी के प्रचार के लिए सम्मेलन होने लगे । इस तरह 10 जनवरी विश्व हिंदी दिवस बन गयाऔर तब से इस दिन कुछ न कुछ ऐसे कार्य क्रम शुरू किए जाते है जिससे अधिक से अधिक लोग हिंदी के प्रति आकर्षित हो तथा हिंदी सीखें । इसलिए आज हम कुछ नया करेंगे ।
“पर हम सब तो ऑनलाइन में है।” अपना सिर झटका कर बालों को पीछे करते हुए पिंकी ने पूछा ….
“ हम ऑनलाइन में ही करेंगे…..” चाची बोली….बच्चों की उत्सुकता बढ़ी और सभी ने अपने को अनम्यूट कर लिया और एक अजीब सा डिजिटल शोर होने लगा चाची अपने फोन से तुरंत सबको म्यूट कर दिया । एक दो मिनट तक तो किसी को यह अहसास ही न हुआ कि केवल उनके मुंह हिल रहे हैं आवाज तो सुनाई ही नहीं दे रही तो अगड़म बगड़म से हाव भाव का स्क्रीन शौट चाची ने ले लिया जो एक हास्यास्पद सी तस्वीर बन गई।
“ आज मैं तुम्हें एक कविता सुनाती हूँ जो तुम सब ने एक दो साल की उम्र में अंग्रेजी की नर्सरी राइम की तरह जरूर सुनी होगी और सीखी भी होगी और आजकल छोटे बच्चों के ममी पापा अपने फोन पर लगा कर उन्हें खाना खिलाते है। अंग्रेजी राइम
‘एन ओल्ड मैकडोनाल्ड हैड ए फार्म……ई आ ई आ ओ’ का हिंदी अनुवाद सुनाती हूँ ।” जिसको अन्वी और वियारा खूब सुनती है आजकल।
Oh wow interesting…..शरारती नमन ने झट से अनम्यूट करके कहा और तुरंत म्यूट कर लिया । सारा ने भी अपनी चुटिया हिलाते हुए आँखे गोल घुमाते हुए कहा ,”जल्दी सुनाओ न चाची मुझे डांस करना है।” “ तो बच्चों आज की कविता का शीर्षक है……
‘ साहू काका का खेत’
साहू काका का इक खेत । ई आ ई आ ओ….
खेत में रहती है कुछ गैया ।। ई आ ई आ ओ……
देती दूध और खाती चारा । ई आ ई आ ओ…..
मांउ मांउ मांउ कर रंभाती ।। ई आ ई आ ओ…..
साहू काका का इक खेत ।। ई आ ई आ ओ…..
काका के खेत में रहती भेड़े । ई आ ई आ ओ…..
बा बा बा बा करती चरती ।। ई आ ई आ ओ……
भेड़ के बाल से बनती ऊन । ई आ ई आ ओ…….
साहू काका…………………. ।। ई…………….
खेत में रहती है कुछ बिल्लियां । ई आ ई आ ओ…….
दौड़ दौड़ कर चूहे खाती ।। ई आ ई आ ओ…..
म्याऊ म्याऊ म्याऊ कर मिमियाती । ई आ ई आ ओ…..
साहू काका इक खेत ।। ई………………..
खेत में रहते है कुछ कुत्ते । ई आ ई आ ओ….
भौं भौं भौं भौं कर कर भौंकें।। ई आ ई आ ओ…..
साहू काका…………….। ई………………..
खेत में रहते है कुछ घोड़े । ई आ ई आ ओ…….
नींहः नींहः नींहृः कर हिन्नातें ।। ई आ ई आ ओ……..
साहू काका………………. ई………….
काका के खेत में मुर्गी खाना । ई आ ई आ ओ………
देखो कितने सारे चूज़े ।। ई आ ई आ ओ……..
चिक चिक चिक शोर मचाते । ई आ ई आ ओ……..
इधर चिक उधर चिक सभी ओर चिक चिक।। ई आ ई आ ओ………
साहू काका ……………… ई………….
खेत में रहती है जी बतखें । ई आ ई आ ओ……
क्वेक क्वेक क्वेक क्वेक करती दौड़े ।। ई आ ई आ ओ…..
साहू काका आवाज लगाते । ई आ ई आ ओ……
साहू काका आवाज लगाते ।। ई आ ई आ ओ…….
शोर मचाते दौड़े आते । ई आ ई आ ओ……
चिक चिक चिक चिक , मांउ मांउ मांउ , क्वेक क्वेक क्वेक, नींहः नींहः नींहः ,बा बा बा
भौं भौं भौं, म्याऊ म्याऊ म्याऊ, चिक चिक चिक क्वेक क्वेक क्वेक………..









